सूरजपुर। एक आपराधिक प्रकरण की विवेचना में गंभीर लापरवाही बरतना जयनगर थाना प्रभारी और एक प्रधान आरक्षक को महंगा पड़ गया। मामले में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद आर्म्स एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ने और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने पर सरगुजा रेंज के आईजी ने जयनगर थाना प्रभारी निरीक्षक रूपेश कुंतल तथा प्रधान आरक्षक संजय राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और यह संदेश गया है कि विवेचना में लापरवाही और नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयनगर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 76/2026 की जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि घटना में हथियार के उपयोग से जुड़े पर्याप्त तथ्य और साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद विवेचना अधिकारी द्वारा आर्म्स एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं। शिकायत सीधे सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए थे।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि उपलब्ध दस्तावेजों, गवाहों के कथनों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आर्म्स एक्ट के प्रावधान जोड़े जाने की पर्याप्त संभावना थी, लेकिन विवेचना के दौरान आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। जांच प्रतिवेदन में इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता माना गया।

आईजी ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि विवेचना के दौरान अपेक्षित सावधानी और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, जिससे प्रकरण की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई। इसे अनुशासनहीनता तथा संदिग्ध आचरण की श्रेणी में मानते हुए थाना प्रभारी और विवेचना में संलग्न प्रधान आरक्षक के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है।

निलंबन अवधि के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों को रक्षित केंद्र सरगुजा में संबद्ध किया गया है। आदेशानुसार वे सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने सरगुजा पुलिस अधीक्षक को भी पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को निष्पक्ष विवेचना और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।