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सूरजपुर/प्रेमनगर। प्रेमनगर के स्टेडियम ग्राउंड में संचालित मीना बाजार इन दिनों मनोरंजन से अधिक विवादों के कारण चर्चा में है। मेले में कथित तौर पर रकम दोगुनी करने, कूपन के नाम पर लालच देने और दांव आधारित खेलों के जरिए ग्रामीणों से हजारों रुपये ऐंठे जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थिति ऐसी बताई जा रही है कि कई लोग 20 हजार से 25 हजार रुपये तक गंवा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी लोगों के बीच बड़ा सवाल बन गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि मीना बाजार में प्रवेश करते ही लोगों को आकर्षक इनाम, कूपन और पैसा दोगुना करने का झांसा दिया जाता है। शुरुआत में कुछ लोगों को जीत दिलाकर भीड़ में भरोसा पैदा किया जाता है। इसके बाद अधिक लाभ के लालच में लोग बड़ी रकम लगाने लगते हैं और अंततः अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार 50 रुपये में तीन कूपन देकर हजारों रुपये के सामान जीतने का दावा किया जाता है। वहीं कुछ स्टॉलों पर एक के बदले दो गुना रकम मिलने का प्रलोभन दिया जाता है। आरोप है कि खेल का पूरा तंत्र इस प्रकार संचालित किया जाता है कि अंत में लाभ संचालकों को ही होता है और आम लोग नुकसान उठाते हैं।

ग्रामीणों का दावा है कि खेल के दौरान कुछ लोग स्वयं को सामान्य ग्राहक बताकर हजारों रुपये जीतते हुए दिखाई देते हैं। इससे आसपास मौजूद अन्य लोग भी प्रभावित होकर पैसा लगाने लगते हैं। लोगों का आरोप है कि यह सब भीड़ को आकर्षित करने और अधिक से अधिक लोगों से रकम लगवाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

कई ग्रामीणों ने बताया कि रकम हारने के बाद विवाद, बहस और हंगामे की घटनाएं भी हुई हैं। कुछ मामलों में लोगों के विरोध के बाद रकम लौटाने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। मेले में कथित रूप से झंडी-मुंडी जैसे दांव आधारित खेल भी संचालित होने की बात कही जा रही है, जिनमें आसान कमाई का सपना दिखाकर लोगों को फंसाया जा रहा है।

मामला यहीं समाप्त नहीं होता। स्थानीय लोगों ने बिजली उपयोग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नाम मात्र का विद्युत कनेक्शन लेकर बड़े-बड़े झूले, हाई पावर लाइटें और अन्य उपकरण संचालित किए जा रहे हैं। यदि आरोप सही हैं तो यह बिजली विभाग के लिए भी जांच का विषय है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मेले में खुलेआम पैसा दोगुना करने, दांव लगाने और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही हैं तो पुलिस और प्रशासन की नजर अब तक वहां क्यों नहीं पहुंची? क्या किसी बड़े हादसे या व्यापक विवाद का इंतजार किया जा रहा है?

क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और विद्युत विभाग से तत्काल जांच कर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर यदि ग्रामीणों की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही है तो ऐसे खेलों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।