Cp Sahu
सूरजपुर। जिले में एक झटके में ऐसा प्रशासनिक ‘भूकंप’ आया कि राजस्व विभाग की जड़ें तक हिल गईं। कुर्सियों से चिपके बैठे पटवारियों की नींद उड़ गई है, मलाईदार हल्कों में वर्षों से जमे चेहरे अचानक बेदखल हो गए हैं। सियासी गलियारों में फुसफुसाहट से लेकर खुले असंतोष तक का माहौल बन चुका है। फोन की घंटियां लगातार बज रही हैं, “सोर्स” सक्रिय हो चुके हैं और कई पटवारी अपनी कुर्सी बचाने के लिए हर दांव आजमा रहे हैं।
एक झटके में बड़े स्तर पर तबादला
सूरजपुर जिले में राजस्व विभाग में एक साथ 106 पटवारियों और 9 राजस्व निरीक्षकों (RI) के तबादले ने प्रशासनिक हलकों में बड़ा भूचाल ला दिया है। इतने बड़े स्तर पर हुई इस “प्रशासनिक सर्जरी” के बाद विभाग के भीतर और बाहर हलचल तेज हो गई है।
मलाईदार हल्कों से हटने का दर्द
सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से मलाईदार हल्का क्षेत्रों में जमे कई पटवारियों को अब अपनी कुर्सी छोड़ना भारी पड़ रहा है। तबादले के आदेश के बाद कई कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं और आदेश रुकवाने के लिए हर संभव कोशिश में जुटे हैं। कलेक्टर कार्यालय से लेकर आयुक्त कार्यालय तक फोन खटकने की चर्चा जोरों पर है।
सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल
राजनीतिक गलियारों में भी इस फैसले को लेकर सुगबुगाहट तेज है। कई जनप्रतिनिधि अपने पसंदीदा पटवारियों के तबादले से नाराज बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पटवारी स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं से लेकर बड़े स्तर तक संपर्क साध रहे हैं और स्थगन (स्टे) लेने की तैयारी में हैं।
हाईकोर्ट पर टिकी निगाहें
कई पटवारी हाईकोर्ट की ओर टकटकी लगाए हुए हैं, वहीं कुछ अपने रिश्तेदारों और संपर्कों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश में लगे हैं।
विभाग में मिला-जुला असर
इस बड़े फेरबदल का असर विभाग के भीतर साफ दिख रहा है। जहां कुछ पटवारी मायूस होकर रोने-धोने की स्थिति में पहुंच गए हैं, वहीं कई कर्मचारी इसे नए अवसर के रूप में देख रहे हैं और नई जगह काम करने को लेकर उत्साहित हैं।
जांच वाले कर्मचारियों में बेचैनी
गौरतलब है कि कई पटवारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है, जिससे उनमें नाराजगी और चिंता दोनों बनी हुई है। दूरस्थ क्षेत्रों में तबादला होने से अब जांच को प्रभावित कर पाना आसान नहीं रहेगा।
कलेक्टर के लिए अग्नि परीक्षा
अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कलेक्टर के लिए यह फैसला कितनी बड़ी अग्नि परीक्षा साबित होता है। क्या सभी कर्मचारी अपने नए पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन करेंगे या फिर एक-एक कर आदेश पर स्थगन लेकर वापसी की कोशिश करेंगे। फिलहाल, सूरजपुर का राजस्व विभाग पूरी तरह उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है।