प्रेमनगर। गांधी जी की पुण्यतिथि के दिन जब पूरा देश सत्य और न्याय को याद कर रहा था, उसी दिन प्रेमनगर ब्लॉक में किसानों और मजदूरों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। मनरेगा बचाओ अभियान और धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी प्रेमनगर के तत्वावधान में प्रेमनगर नगर पंचायत में धरना प्रदर्शन एवं संकेतित चक्का जाम किया गया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान, ग्रामीण मजदूर और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरना स्थल पर किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की नीतियां किसान और मजदूर विरोधी हो चुकी हैं। धान खरीदी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बावजूद हजारों क्विंटल धान आज भी किसानों के घरों में पड़ा है। खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था, टोकन की मनमानी व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही के चलते किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर मनरेगा जैसी योजना, जो ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी है, उसे कागजों तक सीमित कर दिया गया है। न काम मिल रहा है, न मजदूरी का भुगतान समय पर हो रहा है।
धरना को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी के प्रेमनगर ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “सरकार किसानों को छलने का काम कर रही है। जब तक एक-एक किसान का धान नहीं बिक जाता, तब तक खरीदी की तिथि बढ़ाई जानी चाहिए। मनरेगा को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है ताकि ग्रामीण मजदूर पलायन करें। यह सीधा संविधान और गांधी जी के विचारों का अपमान है। यदि सरकार ने तुरंत फैसला नहीं लिया तो यह आंदोलन जिले से निकलकर प्रदेश स्तर तक पहुंचेगा और चक्का जाम पूरी तरह से लागू किया जाएगा।”
युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रोहित कनौजे, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री मेहंदी यादव, असकरण गुप्ता, आलोक जगते, कमलेश्वर सिंह, पार्षद रामसजीवन साहू, ज्योत सिंह, सरपंच नवल सिंह, राम सिंह, रमेश साहू, महामंत्री राजेश साहू, शेखर दुबे, राहुल सुनहरे, सुभाष सिंह, विनोद दास, राम चंद्रिका प्रसाद, गुणेश्वर प्रसाद, सोरी चैत पाल सिंह, आनंद राम मरावी, सियाराम (सेवानिवृत्त शिक्षक), परमेश्वर यादव, मनराज सिंह, लाल बहादुर, मनोज कुजूर, सरपंच संतोष कुमार, उप सरपंच बिपिन कुजूर, विनोद सीरदार, सुखनंदन, रामकुमार, तोषण कुमार चौबे, देवपाल सिंह, प्रेमसाय रिझन, सरपंच हीरासाय, अशोक कुमार, राजेश कुमार, नाथूराम, जगमोहन, वीरेंद्र कुमार, राजकुमार कुर्रे, हरिलाल, संतोष, लखन सिंह, तुलेश्वर सहित सैकड़ों किसान व कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन में डटे रहे।
धरना स्थल पर लगातार नारेबाजी होती रही और प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया गया कि यदि धान खरीदी की तिथि तत्काल नहीं बढ़ाई गई और मनरेगा को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया, तो कांग्रेस और किसान संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। गांधी जी की पुण्यतिथि पर हुआ यह प्रदर्शन सरकार के लिए चेतावनी है कि किसान और मजदूर की अनदेखी अब भारी पड़ेगी।